Saturday, July 28, 2018

भारत का पाषाण काल

पुरा पाषाण काल
मध्य पाषाण काल
नव पाषाण काल
 पुरा पाषाण काल ⇒ इसे तीन भागों में बांटा गया है. 
निम्न पुरा पाषाण काल 
 मध्य पुरा पाषाण काल 
 निम्न पुरा पाषाण काल 1 निम्न पुरा पाषाण काल इस काल का प्राणी मानव सदृश दिखता था। इसके जीवाश्म नर्मदा नदी खाड़ी के हथनौरा नामक स्थान पर में मिले है जिसके कारण इसे नर्मदा मानव भी कहते हैं। ये लोग कोर उपकरण प्रयोग करते थे। ये लोग chopper-chopping उपकरण भी प्रयोग करते थे इसीलिए इसे chopper- chopping culture कहते है। ये ice age था। 2 मध्य पुरा पाषाण काल इस काल का मानव निएंडरथल मानव कहलाता है। इसका काल १ लाख से लेकर ४० हज़ार वर्ष तक माना जाता है। इस काल में औजार शल्कों पर बनाये जाते थे। फलकों की अधिकता के कारण इस काल फलक संस्कृति भी कहते है। इस काल के औजार अधिकतर मध्य भारत , दक्कन , राजस्थान , महाराष्ट्र , तमिलनायडु , कर्नाटक , उड़ीसा में पाए गए है। 3 उच्च पुरा पाषाण काल इस काल का मानव होमो सेपियंस कहलाता है। इस काल का मानव पेंटिंग्स करने लगा था जिसका उदाहरण मध्य प्रदेश की भीमबेटका नामक गुफा से मिलता है। इलाहाबाद के लोहदानाला से हड्डी से बनी मातृदेवी की मूर्ति प्राप्त हुईं है। इस काल की सबसे बड़ी खोज आग की थी जिससे इनके जीवन में बहुत सुधार हुआ।ये लोग गुफाओं में रहते थे और मनोरंजन के लिए मल्लयुध्य किया करते थे। ये लोग चकमक पत्थर के हथियारों का प्रयोग करते थे।
                                                  

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